, Feb. 21 -- बैरियाट्रिक सर्जरी एक प्रमाणित और प्रभावी उपचार पद्धति है जो न केवल वजन कम करती है बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म में सकारात्मक बदलाव भी लाती है। इससे ब्लड शुगर नियंत्रण बेहतर होता है, रक्तचाप संतुलित रहता है और कई मामलों में दवाइयों पर निर्भरता कम हो जाती है। महिलाओं में पीसीओडी और प्रजनन संबंधी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है।

यह सर्जरी प्रो. डॉ. उत्पल आनंद, डॉ. बसंत और डॉ. कुणाल की टीम ने डॉ. निरुपम सिन्हा के मार्गदर्शन में की। सरकारी संस्थान में इस उन्नत सर्जरी का किफायती दर पर उपलब्ध होना आम मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है।गंभीर मोटापे के मरीजों में एनेस्थीसिया प्रबंधन अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग की टीम ने भी डॉ. नीरज कुमार के नेतृत्व में वैज्ञानिक योजना, सतर्क निगरानी और उच्च स्तरीय तकनीकी तैयारी के साथ सर्जरी को सुरक्षित रूप से संपन्न किया।

विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. उमेश भदानी ने पूरी टीम की सराहना करते हुए इसे संस्थान की सामूहिक सफलता बताया।

एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल बिहार में उन्नत, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में मरीजों को सर्जरी से पूर्व काउंसलिंग, पोषण विशेषज्ञ की सलाह, मनोवैज्ञानिक सहयोग तथा नियमित फॉलो-अप की समग्र सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

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