, Oct. 31 -- कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के अनुभवों को साझा करना तथा निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सबडर्मल सिंगल-रॉड गर्भनिरोधक इम्प्लांट के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। इस दौरान विस्तार से चर्चा की गई कि गर्भनिरोधक इम्प्लांट सेवाएं महिलाओं के लिए उपलब्ध गर्भनिरोधक विकल्पों का विस्तार करने, परिवार नियोजन की अपूर्ण आवश्यकताओं को कम करने तथा महिलाओं एवं दंपतियों को प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े सूचित निर्णय लेने में किस प्रकार सहायता कर सकती हैं।कार्यक्रम में प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। एम्स पटना, पीएसआई इंडिया एवं ऑर्गेनॉन के बीच यह सहयोग स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की क्षमता को सुदृढ़ करने तथा गुणवत्तापूर्ण गर्भनिरोधक सेवाओं के विस्तार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस प्रकार के शैक्षणिक एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से एम्स पटना और उसके सहयोगी संस्थान एक ऐसी परिवार नियोजन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं, जो अधिक जागरूक, प्रभावी एवं सुलभ हो तथा महिलाओं को सुरक्षित, प्रभावी और सुविधाजनक गर्भनिरोधक विकल्पों की उपलब्धता सुनिश्चित कर सके।

कार्यक्रम का समापन आपसी सहयोग एवं साझेदारी को और मजबूत करने, चिकित्सकीय अनुभवों के आदान-प्रदान तथा गुणवत्तापूर्ण गर्भनिरोधक इम्प्लांट सेवाओं के विस्तार के प्रति साझा संकल्प के साथ हुआ।

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