, March 18 -- कार्यक्रम में ब्रेस्ट सर्जरी (आकार बढ़ाना और कम करना), टमी टक (एब्डोमिनोप्लास्टी), नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी), जबड़े की सर्जरी तथा पलकों की सर्जरी (ब्लेफेरोप्लास्टी) जैसी प्रमुख प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, बोटॉक्स, डर्मल फिलर्स और फेस रीजुवनेशन जैसी आधुनिक नॉन-सर्जिकल तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी।
यह पहल न केवल डॉक्टरों और सर्जनों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करेगी बल्कि आम लोगों में सुरक्षित और विशेषज्ञ-निर्देशित एस्थेटिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करेगी। यह कार्यक्रम एम्स पटना में उपलब्ध उन्नत एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को भी रेखांकित करता है।
कार्यक्रम के दौरान केस आधारित चर्चाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान और पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और वैश्विक मानकों के अनुरूप उपचार पद्धतियों की जानकारी मिलेगी।
इस आयोजन का थीम- एस्थेटिक मास्टरी: फ्रॉम फंडामेंटल्स टू फिटनेस है, जो बुनियादी ज्ञान से लेकर उत्कृष्ट सर्जिकल दक्षता तक की यात्रा को दर्शाता है।यह आयोजन स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एम्स पटना की उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह के नेतृत्व में डॉ. अंसारुल, डॉ. सर्सिज, डॉ. विश्वदीप, डॉ. कुलदीप सहित रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और एनेस्थीसिया टीम मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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