, May 9 -- कॉन्फ्रेंस में डॉ. नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक प्रोफेसर (बायोस्टैटिस्टिक्स), कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. राकेश कुमार सरोज, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल एंड इंटीग्रेटिव साइंसेज, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने व्याख्यान दिए।
विशेषज्ञ वक्ताओं ने बायोस्टैटिस्टिक्स, महामारी विज्ञान, अनुसंधान पद्धति, डेटा विश्लेषण, सांख्यिकीय मॉडलिंग तथा आधुनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में प्रयुक्त विश्लेषणात्मक तकनीकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। सत्रों में अध्ययन डिज़ाइन, सैंपल साइज निर्धारण, रिग्रेशन विश्लेषण, डेटा विज़ुअलाइजेशन तथा सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान, क्लिनिकल ट्रायल, सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति निर्माण तथा न्यूरोलॉजिकल रिसर्च में बायोस्टैटिस्टिक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। सही सांख्यिकीय पद्धतियों का उपयोग शोध की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और परिणामों की सटीकता को बेहतर बनाता है जिससे साक्ष्य-आधारित नैदानिक निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने शोध से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं, डेटा व्याख्या तथा रिसर्च पब्लिकेशन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
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