, Sept. 24 -- चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि एनआईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए समय पर गहन चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि संस्थान में क्रिटिकल केयर सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध हो सके।उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बाल ने एनआईसीयू के विस्तार पर विभाग को बधाई दी और यूनिट के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं मानव संसाधन सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

नियोनेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. भावेश कांत चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से एनआईसीयू की क्षमता बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बेड की संख्या में वृद्धि से अधिक संख्या में गंभीर नवजातों का प्रबंधन संभव होगा तथा बिहार एवं आसपास के क्षेत्रों के परिवारों को उन्नत नवजात चिकित्सा सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केशव कुमार पाठक ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. रामेश्वर प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

एनआईसीयू का यह विस्तार एम्स पटना में उच्चस्तरीय नवजात चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ी हुई क्षमता से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को समय पर गहन चिकित्सा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी तथा संस्थान की नवजात मृत्यु एवं रुग्णता को कम करने के प्रयासों को और गति मिलेगी।

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