, Aug. 11 -- कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पटना के मोदी एलर्जिक क्लिनिक के डॉ. गौतम मोदी ने "इम्यूनोथेरेपी इन एलर्जिक डिजीजेज" विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में करीब हर तीन में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में एलर्जी से प्रभावित है। ऐसे में एलर्जी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते इसकी पहचान और सही इलाज जरूरी है।डॉ. मोदी ने आधुनिक एलर्जी जांच के विभिन्न तरीकों और उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सबक्यूटेनियस इम्यूनोथेरेपी और सब-लिंगुअल इम्यूनोथेरेपी पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उचित मरीजों में इम्यूनोथेरेपी केवल लक्षणों को दबाने के बजाय बीमारी के मूल कारण पर काम करने वाली उपचार पद्धति हो सकती है।
डॉ. सोमेश ठाकुर, एडिशनल प्रोफेसर, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने एलर्जी की व्यवस्थित जांच और इम्यूनोथेरेपी की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम डॉक्टरों को नई उपचार पद्धतियों से अपडेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सौरभ करमाकर, एडिशनल प्रोफेसर, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
एम्स पटना में जल्द शुरू होने वाली एलर्जेन इम्यूनोथेरेपी सेवा से एलर्जी से परेशान मरीजों को आधुनिक जांच और वैज्ञानिक उपचार की सुविधा एक ही संस्थान में मिलने की उम्मीद है। यह पहल एम्स पटना में विशेषज्ञ, सुलभ और मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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