, July 31 -- कार्यक्रम का आयोजन कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में उत्कृष्टता का आधार केवल अत्याधुनिक उपकरण नहीं बल्कि प्रशिक्षित और दक्ष चिकित्सक होते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने के साथ-साथ मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का शैक्षणिक नेतृत्व ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. क्रांति भावना तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार कर रहे हैं।

कार्यशाला के पहले दिन देश के अग्रणी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक व्याख्यान, ऑपरेटिव वीडियो सत्र, विशेषज्ञ पैनल चर्चा और थ्री-डी एनाटॉमिकल डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से स्कल बेस की जटिल संरचना तथा आधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी की बारीकियों से परिचित कराया। आगामी दो दिनों में प्रतिभागियों को कैडेवर आधारित हैंड्स-ऑन डिसेक्शन और अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में इन तकनीकों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।

इस कार्यशाला को बिहार काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन (बीसीएमआर) द्वारा 12 कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) क्रेडिट प्वाइंट्स प्रदान किए गए हैं जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय महत्व को प्रमाणित करते हैं।

अवबोधन 2026 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स जोधपुर, एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ, अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नई दिल्ली, गोवा ईएनटी सेंटर तथा एसआरएम प्राइम, चेन्नई सहित देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इनमें डॉ. रामनदीप विर्क, डॉ. अमित गोयल, डॉ. किरुबा शंकर, डॉ. एम. रवि शंकर, डॉ. अरुलालन मथियालगन, डॉ. राजीव कपिला, डॉ. गोविंद भुस्कुटे, डॉ. जसकरण सिंह गोसल, डॉ. सुमित मृग और डॉ. जितिन शाजी प्रमुख हैं। कार्यक्रम में एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. डॉ. विकास चंद्र झा एवं डॉ. सरज कुमार सिंह भी अपनी विशेषज्ञता साझा कर रहे हैं।

यह कार्यशाला ईएनटी सर्जनों और न्यूरोसर्जनों को एक साझा अकादमिक मंच प्रदान कर रही है, जिससे बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में जटिल स्कल बेस रोगों के उपचार में बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

देशभर से 100 से अधिक ईएनटी सर्जन, न्यूरोसर्जन, स्नातकोत्तर छात्र एवं चिकित्सा विशेषज्ञ इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। अपनी उच्चस्तरीय वैज्ञानिक विषय-वस्तु, राष्ट्रीय स्तर की फैकल्टी और व्यावहारिक प्रशिक्षण के कारण 'अवबोधन 2026' पूर्वी भारत में स्कल बेस सर्जरी प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में स्थापित हो रहा है तथा एम्स पटना को उन्नत सर्जिकल प्रशिक्षण के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रहा है।

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