, March 17 -- इस कार्य के लिए हरियाली मिशन के निदेशक को नोडल पदाधिकारी के तौर पर नामित किया गया है। इस मामले को लेकर 19 मार्च को हरियाली के क्षेत्र में कार्य करने वाले तमाम स्वयंसेवी संस्थानों के साथ बैठक की जाएगी। उनसे इस कॉरिडोर को तैयार करने को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। योजना के तहत हर पांच किलोमीटर के दायरे में एक ही किस्म के फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे समरूपता के साथ हरित पट्टी विकसित हो सके। इसमें आम, अमरूद, जामुन, लीची, कटहल, आंवला, बेल, नींबू, सहजन, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पौधों को शामिल किया गया है। इससे न केवल सड़क किनारे का वातावरण मनमोहक बनेगा, बल्कि फलों के उत्पादन से स्थानीय बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।
एनएच पर मौजूद पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद खाली जमीन पर भी पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल से मधुमक्खी पालन जैसे सहायक रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर सहजन के पेड़ों से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का शहद किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।
इस बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पीसीसीएफ हॉफ पी के गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैंपा) सह नोडल ऑफिसर वन संरक्षण पटना सुरेंद्र कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, सीसीएफ सह निदेशक हरियाली मिशन एस चंद्रशेखर, सीसीएफ सह विशेष सचिव आलोक कुमार, सीएफ ईको टूरिज्म सत्यजीत कुमार उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित