, May 24 -- समिट में एआई से प्राप्त होने वाली कानूनी सहायता, प्रेसीजन फार्मिंग, उद्योग बिहार के तहत एमएसएमइ एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम, सुरक्षित बिहार में साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई। अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों से कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने एआई गवर्नेंस पर बारिकी से अपने-अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई के प्रयोग के दौरान मानव दृष्टिकोण रखना जरूरी है। यानी इससे प्राप्त डेटा की दोबारा जांच करनी जरूरी है। उन्होंने सरकारी योजनाओं को बनाने, न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण के साथ-साथ अपराध नियंत्रण की दिशा में एआई के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर क्यूएलएएसएस (कलास) एडटेक (एजुकेशनल टेक्नोलॉजी) के संस्थापक और कार्यक्रम संयोजक निखिल कुमार ने कहा कि बिहार के युवाओं के पास प्रतिभा और एक बड़ी महत्वाकांक्षा है। हमारा लक्ष्य बिहार को एआई के वैश्विक मानचित्र पर शीर्ष पर स्थापित करना है। एआई के इस्तेमाल में युवाओं की दक्षता बढ़ाने की दिशा में समिट ने मील के पत्थर का काम किया। यह एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में तकनीकी क्षेत्र में यहां के युवा पूरी दुनिया को मार्गदर्शन देने का काम करेंगे।

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