, April 25 -- देवघरा गांव में स्थित यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जिसके चारों ओर घने जंगल और सुंदर पहाड़ हैं। यहां से आसपास के क्षेत्रों का दृश्य दिखाई देता है और वातावरण शांत एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इस कारण यह स्थल श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है।
धार्मिक दृष्टि से यह धाम क्षेत्र का एक प्रमुख 'जाग्रत शिव मंदिर' माना जाता है, जहां श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी पहल के अंतर्गत इस धाम को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
विकास योजना के तहत यहां रोपवे निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिससे वृद्धों, बच्चों एवं दिव्यांगों को पहाड़ी पर चढ़ाई को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। साथ ही पेयजल व्यवस्था और ट्रैकिंग मार्ग के विकास पर भी कार्य किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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