, Aug. 10 -- श्री बरनवाल ने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग की महिलाओं को Rs.12,000, पुरुषों को Rs.10,000 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को Rs.12,000 प्रति वाहन तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन अपनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। पात्र महिला लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन की खरीद पर अधिकतम Rs.1,00,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन का बिहार में पंजीकरण कराने पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग प्रक्रिया के तहत रद्दीकरण कराने के बाद नया वाहन खरीदने पर लागू वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त लाभ/प्रोत्साहन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए बिहार सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए चार्जिंग मशीन एवं उपकरणों के क्रय तथा स्थापना पर भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। विभिन्न श्रेणी के चार्जिंग उपकरणों की स्थापना पर पात्र संस्थानों/व्यक्तियों को Rs.1,50,000 तक का प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपने-अपने परिसरों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने की दिशा में आगे आने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना से व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त सुविधा एवं संभावित आय का अवसर मिलेगा तथा जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी गति मिलेगी।

श्री बरनवाल ने कहा कि सहरसा जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इसके तहत सुपरमार्केट, बस स्टैंड, जिला समाहरणालय, मेडिकल कॉलेज परिसर, विभिन्न सरकारी कार्यालय परिसरों तथा पेट्रोल पंपों पर चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त एवं सुलभ चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को यात्रा के दौरान चार्जिंग की सुविधा मिलेगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में लोगों का विश्वास बढ़ेगा। इससे स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदूषण एवं जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने में सहायता मिलेगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने सहरसा जिले के नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं उद्यमियों से अपील की कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर सरकार की पर्यावरण अनुकूल परिवहन नीति में सहभागी बनें। साथ ही, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने परिसर में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के लिए आगे आएं, जिससे सहरसा में एक मजबूत एवं सुलभ इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा सके।

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