, Oct. 26 -- पश्चिम तेज प्रताप नगर, अनीसाबाद, पटना स्थित मदर डेयरी के स्टॉकिस्ट मां भद्रकाली ट्रेडर्स के निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के वितरण एवं सुरक्षित परिवहन से संबंधित कमियां पाई गईं। प्रतिष्ठान के इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर अंकित नहीं था। रेफ्रिजरेटेड वाहन के आवश्यक पंजीकरण संबंधी विवरण तथा कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं पाए गए।निरीक्षण के दौरान जांच के लिए फ्रोजन ग्रीन पीज का नमूना संग्रहित किया गया। प्रतिष्ठान को कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र सात दिनों के भीतर बनवाने, रेफ्रिजरेटेड वाहन का आवश्यक पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर अंकित कराने का निर्देश दिया गया।
प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के अंतर्गत सुधार नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कमियों को दूर कर अनुपालन का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
खेमनीचक, पटना स्थित सलोनी एंटरप्राइजेज के निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम उत्पादों पर बैच नंबर एवं निर्माण तिथि अंकित नहीं होने के कारण आइसक्रीम की बिक्री पर रोक लगा दी गई। प्रतिष्ठान में स्वच्छता एवं भंडारण की स्थिति भी असंतोषजनक पाई गई।
निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम उत्पादों पर बैच नंबर एवं निर्माण तिथि अंकित नहीं थी। आइसक्रीम खुले रूप में रखी गई थी। पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।
खाद्य पदार्थों में उपयोग किए जाने वाले पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। उपकरणों एवं मशीनों की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी। कर्मचारी हेडगार्ड एवं निर्धारित पोशाक में नहीं पाए गए। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं थे।
निरीक्षण के दौरान बैच नंबर अंकित नहीं रहने के कारण 43,000 मूल्य का 160 किलोग्राम बटर जब्त कर लिया गया। बटर एवं आइसक्रीम का नमूना जांच के लिये खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के अंतर्गत जारी सुधार नोटिस के माध्यम से संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियों को दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद 15वें दिन सुधार से संबंधित प्रमाण संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं तथा नियमानुसार लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
खाद्य संरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण एवं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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