, May 30 -- वरिष्ठ कलाकार भैरव लाल दास ने अलका दास की कलाकृतियों की सराहना करते हुए गदर पार्टी विषयक पेंटिंग की विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि मिथिला कला अब आभूषणों, परिधानों और अन्य आधुनिक माध्यमों पर भी उकेरी जा रही है, जिससे युवाओं की रुचि इस कला के प्रति बढ़ रही है। प्राध्यापक प्रतिक कुमार ने कला के भविष्य और बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक विषयों के साथ-साथ समकालीन मुद्दों पर भी मिथिला पेंटिंग में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को इस कला से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मिथिला पेंटिंग के माध्यम से घर से लेकर वैश्विक मंच तक अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने कहा कि पहले लोक कलाओं को प्रदर्शन के लिए पर्याप्त मंच नहीं मिल पाता था, लेकिन समय के साथ उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है और आज अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भी इन्हें सम्मानजनक स्थान मिल रहा है। उन्होंने लोक कलाओं के समक्ष मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अध्ययन, शोध और दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया ताकि इन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके।
कार्यक्रम का संचालन बापू टावर के उपनिदेशक ललित कुमार सिंह ने किया, जबकि प्रदर्शनी की कलाकार अलका दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह में शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों, कला जगत से जुड़े लोगों तथा बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित