, April 9 -- जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) प्रद्युमन गौरव ने बताया कि चिन्हित क्षेत्र में ब्लॉक प्लांटेशन किया जाएगा। इसके अलावा परिसर और सड़कों के किनारे के खाली स्थानों पर भी पौधारोपण किया जाएगा, जहां करीब 5000 बांस के गैबियन लगाए जाने की योजना है। इस अर्बन फॉरेस्ट में विभिन्न प्रजातियों के पौधों को शामिल किया जाएगा, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिल सके। छायादार वृक्षों में बांस, शीशम, पीपल और बरगद के साथ-साथ गुलमोहर और जामुन जैसे पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही औषधीय पौधों का भी रोपण किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार मियावाकी तकनीक एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पौधों को घनी पद्धति से लगाया जाता है, जिससे वे तेजी से बढ़ते हुए प्राकृतिक जंगल का रूप ले लेते हैं।
फिलहाल सरकार को मियावाकी पद्धति से पौधारोपण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद व्यापक स्तर पर पौधारोपण का कार्य शुरू किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित