, May 22 -- विभाग का मानना है कि अभिभावकों और संस्थानों के बीच नियमित संवाद विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों, अनुशासन और समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये बैठकें विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी संस्थानों में सकारात्मक और विद्यार्थी-अनुकूल वातावरण के निर्माण में भी सहायक साबित हो रही हैं। विभाग ने बताया कि बैठकों के दौरान अभिभावकों से प्राप्त सुझावों और फीडबैक की गंभीरतापूर्वक समीक्षा की जाती है तथा उन्हें शैक्षणिक प्रशासन, छात्र सहायता प्रणाली और संस्थागत कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उपयोग में लाया जाता है। विभाग के अनुसार अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और संस्थानों में सतत सुधार सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री शीला कुमारी ने कहा किविज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा सभी सरकारी इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में वर्ष में दो बार अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाती है, ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और संस्थानों के बीच नियमित संवाद तथा फीडबैक विद्यार्थियों के विकास और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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