, March 6 -- खाद्यान्न परिवहन के दौरान वाहन पूर्व निर्धारित जियो-फेंसड रूट के अनुसार संचालित होते हैं, जिसकी सतत निगरानी निगम मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष तथा संबंधित जिला कार्यालयों द्वारा की जाती है। यदि मार्ग से किसी प्रकार का विचलन या अनधिकृत गतिविधि होती है, तो प्रणाली के माध्यम से तत्काल अलर्ट प्राप्त होता है, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव हो पाती है।जब खाद्यान्न टीडपीपीएस गोदामों के जियो-जोन में पहुँचता है, तो प्राप्ति की पुष्टि के साथ संबंधित गोदाम प्रबंधक, जिला प्रबंधक तथा एसएफसी नियंत्रण प्रणाली को स्वतः एसएमएस सूचना प्राप्त होती है। इसके बाद टीडीपीएस गोदामों से उचित मूल्य की दुकानों तक खाद्यान्न के निर्गमन के दौरान भी वाहनों की जीपीएस आधारित निगरानी की जाती है।
खाद्यान्न के उचित मूल्य की दुकान पर पहुँचते ही एफपीएस डीलर, प्रखंड स्तरीय विपणन पदाधिकारी, संबंधित पंचायत की निगरानी समिति तथा जीविका सहायक को स्वचालित एसएमएस सूचना प्रेषित की जाती है। राज्य के सभी एफपीएस केंद्रों को भी जियो-जोन के अंतर्गत चिह्नित किया गया है तथा डीलरों द्वारा खाद्यान्न की प्राप्ति ई-पॉस मशीन के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है।यह तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था न केवल खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बना रही है, बल्कि लाभुकों के अधिकारों की सुरक्षा, कुप्रबंधन एवं अनियमितताओं की रोकथाम तथा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
'अन्न पर्यवेक्षण कवच' राज्य की खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला को एक विश्वसनीय, जवाबदेह एवं पूर्णतः डिजिटल प्रणाली में रूपांतरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभाग द्वारा इसकी सतत समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है, जिससे व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
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