, April 11 -- मंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला रोजगार के रूप में ही दीदी की रसोई की शुरुआत पूरे राज्य भर में की गई है। उन्होंने बताया कि यहां छह हजार से अधिक जीविका दीदियां काम कर रही हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति छात्रावास, मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ- साथ जिला और अनुमंडल अस्पतालों में जीविका की दीदी की रसोई का संचालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में उन्होंने भ्रमण किया तो पाया कि समूह की दीदियां रसोई का संचालन सही से कर रही हैं।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की पहल से न केवल छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता की भावना भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जीविका दीदी की यह रसोई, शिक्षा और सेवा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मंत्री श्री कुमार ने कैंटीन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना की। इसके बाद वह कुलपति कक्ष में गए, जहां उन्हें सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डी एस डब्ल्यू प्रो. राजीव रंजन, कुलानुशासक प्रो. कीर्ति, सीसीडीसी प्रो. शिव कुमार यादव, वित्तीय सलाहकार शशि रंजन डीन एजुकेशन प्रो. कमल बौद्धा, मीडिया प्रभारी प्रो. तारिक फातमी समेत कई लोग उपस्थित थे।

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