, Sept. 24 -- अजोला एक तेजी से विकसित होने वाला जलीय फर्न है, जिसमें प्रोटीन सहित विभिन्न पोषक तत्व पाए जाते हैं। उचित वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ इसका उपयोग पशुओं के पूरक आहार एवं जैविक कृषि में किया जा सकता है। विशेष रूप से दुधारू पशुओं, बकरियों एवं मुर्गियों के आहार में विशेषज्ञों की अनुशंसा के अनुसार अजोला को शामिल करने से स्थानीय स्तर पर कम लागत वाला पूरक पोषण स्रोत उपलब्ध हो सकता है।अजोला उत्पादन के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैव-संसाधनों के बेहतर उपयोग का अवसर मिल सकता है। सीमित स्थान एवं अपेक्षाकृत कम संसाधनों में उपयुक्त व्यवस्था के साथ इसका उत्पादन किया जा सकता है। इससे छोटे एवं सीमांत किसानों तथा पशुपालकों के लिए कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
किसानों को अजोला उत्पादन के लिए उत्पादन स्थल की तैयारी, जल प्रबंधन, पोषक तत्वों की उपलब्धता, नियमित रख-रखाव, स्वच्छता तथा उत्पादन के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में तकनीकी जानकारी दी जा रही है। किसानों को यह भी बताया जा रहा है कि बेहतर उत्पादन एवं उपयोग के लिए निर्धारित वैज्ञानिक विधियों का पालन आवश्यक है।
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