रांची , जून 19 -- झारखंड के जमशेदपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026)" का शुक्रवार को एक अत्यंत ज्ञानवर्धक औद्योगिक भ्रमण के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ।

इस भ्रमण ने प्रतिभागियों को जमशेदपुर के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली को निकट से देखने और समझने का अवसर प्रदान किया तथा संगोष्ठी के उस मूल उद्देश्य को साकार किया, जिसका लक्ष्य कक्षा में प्राप्त ज्ञान और औद्योगिक व्यवहारिकता के बीच की दूरी को कम करना है।

"बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026" के समापन कार्यक्रम के रूप में आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण ने प्रतिभागियों को भारत की "स्टील सिटी" के रूप में प्रसिद्ध जमशेदपुर के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संचालित आधुनिक तकनीकों, उत्पादन प्रक्रियाओं तथा प्रबंधन प्रणालियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्रदान किया। संगोष्ठी के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों के पूरक के रूप में यह भ्रमण प्रतिभागियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों, इंजीनियरिंग अवधारणाओं तथा आधुनिक औद्योगिक प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।

यह औद्योगिक भ्रमण "बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026" के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा, जिसमें 160 से अधिक प्रतिनिधियों-शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं उद्योग विशेषज्ञों-ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, टाटा स्टील, सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला तथा टीएसजी गम्हरिया सहित प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों, प्रक्रिया स्वचालन, अनुसंधान सुविधाओं, कार्यस्थल सुरक्षा उपायों तथा औद्योगिक प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त हुई।

इस औद्योगिक भ्रमण की योजना एवं सफल क्रियान्वयन डॉ. चिरदीप घोष, प्रधान वैज्ञानिक, टाटा स्टील एवं अध्यक्ष, "बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026" , तथा ललित कुमार मीणा, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल एवं संयोजक, "बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026" , के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. आदित्य प्रकाश, वरिष्ठ शोधकर्ता, टाटा स्टील, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संयुक्त प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ तथा प्रतिभागियों को एक सार्थक और समृद्ध शिक्षण अनुभव प्राप्त हुआ।

इस पहल को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा व्यापक सराहना मिली। डॉ. अतनु रंजन पाल, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), टाटा स्टील एवं अध्यक्ष, भारतीय धातु संस्थान (आईआईएम), जमशेदपुर चैप्टर, तथा डॉ. गोपी किशोर मंडल, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल एवं उपाध्यक्ष, "बिहाइंड द टीचर्स डेस्क-2026" , ने आयोजन समिति को सफल औद्योगिक भ्रमण के लिए बधाई दी और प्रतिभागियों के लिए अनुभवात्मक शिक्षण का प्रभावी मंच उपलब्ध कराने हेतु उनके समर्पण की प्रशंसा की।

इस प्रकार का औद्योगिक अनुभव अकादमिक शिक्षा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं अवसंरचना के प्रत्यक्ष अवलोकन से प्रतिभागियों को उत्पादन प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों, परिचालन दक्षता, गुणवत्ता आश्वासन, सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) तथा आधुनिक उद्योगों के समक्ष उपस्थित चुनौतियों की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिला। इस अनुभव ने अकादमिक जगत और उद्योग के बीच ज्ञान के प्रभावी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा युवा शोधकर्ताओं एवं भावी पेशेवरों को उद्योगोन्मुख चुनौतियों के लिए तैयार करने के संगोष्ठी के व्यापक उद्देश्य को और अधिक सुदृढ़ किया।

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