चंडीगढ़ , मई 12 -- पंजाब सरकार द्वारा बिस्त दोआब नहर के पुनर्जीवन अभियान से दोआबा क्षेत्र में खेती और सिंचाई व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है।
वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त दोआब नहर नेटवर्क के सिंचित क्षेत्र में 167 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। इससे 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त भूमि नहर सिंचाई के दायरे में आयी है।
पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्वमें नहर में जल प्रवाह बहाल करने के लिए विशेष प्रयास किये गये, जिससे जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला और होशियारपुर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से चली आ रही पानी की कमी दूर हुई है। रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाली इस नहर और इसकी शाखाओं, माइनरों तथा फील्ड चैनलों का व्यापक पुनर्निर्माण किया गया है। इससे पानी का वितरण अधिक सुचारु और प्रभावी हुआ है।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि 19,213 एकड़ कृषि भूमि को पहली बार नहर का पानी मिला। पहले यहां के किसान भूजल और बारिश पर निर्भर थे। कठगढ़ लिफ्ट स्कीम के तहत बलाचौर क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिली है। वहीं बंगा, मुकंदपुर, अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और कला संघियां जैसे क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि नहर के पुनर्जीवन से शहरी जरूरतों को भी लाभ मिला है। जालंधर शाखा को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है, जिससे शहर को पीने के पानी की बेहतर आपूर्ति होगी और जालंधर नगर निगम की भूजल पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि बिस्त दोआब नहर का पुनर्जीवन केवल सिंचाई सुधार नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण और भविष्य के लिए टिकाऊ संसाधन सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
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