रांची , अप्रैल 19 -- बिहार की पूर्व मंत्री सह जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं और लोकसभा में बिल नहीं गिरा बल्कि पूरा इंडी गठबंधन महिलाओं की नजर में गिरा है।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और श्रेयसी सिंह ने आज झारखंड में भाजपा के प्रदेश कार्यालय रांची में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम मामले में कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों ने पाप किया है उसकी सजा उन्हें भुगतनी ही होगी। महिलाओं को आगे बढ़ाने में कांग्रेस की नीतियां हमेशा सीमित रही हैं। उनका एक दायरा है। कांग्रेस के लिए महिला मतलब इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही होता है बाकी उनके लिए उनकी नजर में किसी महिला का कहीं कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं उन्होंने सेवक बनकर देश की सेवा की है और हर समुदाय की महिलाओं को आगे बढ़ाने का मौका दिया है, उनके परिवार की चिंता की है। केंद्रीय मंत्री रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री सोनोवाल ने कहा कि भारतवर्ष में नारी शक्ति, मातृशक्ति की पर्याय मानी जाती हैं। महिलाओं के उत्थान के बगैर कोई भी कल्पना बेमानी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य कई कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को समान रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने कई कार्यक्रम लागू किया है। आज इसी का परिणाम है कि महिलाएं हर क्षेत्र में परचम लहरा रही है।

राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, इसके लिए मोदी सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने और महिला सशक्तिकरण को संवैधानिक रूप दिलाने के उद्देश्य से 2 दिन का विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला का अपमान किया है। इस अधिनियम को लेकर विपक्ष ने जो षड्यंत्र रचा है यह नारी समाज का अपमान है। कांग्रेस महिलाओं को लेकर दशकों से ऐसा षड्यंत्र रचती आ रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है।

श्री सोनोवाल ने कहा कि बीजेपी और एनडीए जब तक है तब तक देश में महिलाएं सुरक्षित है, उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है। विधेयक के दौरान असुर की तरह हंसने वाले ये लोग नारी शक्ति का उपहास नहीं उड़ा रहे थे बल्कि ये दल अपने भविष्य पर हंस रहे थे। आज प्रधानमंत्री लखपति दीदी बना रहे हैं।

सोचिए कभी इस प्रकार की योजना बनाने का ख्याल कभी कांग्रेस के मन में क्यों नहीं आया ? यह मोदी जी के मन में ही क्यों आया। क्योंकि नरेंद्र मोदी महिलाओं को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं कांग्रेस ने कभी गरीबों, एसटी एससी वर्गों की चिंता नहीं की उनके लिए सिर्फ अपना खानदान को सुरक्षित रखना है, यही उनका मुख्य उद्देश्य रहा है।

श्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के 12 वर्षों की कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। महिलाएं जाग चुकी हैं। 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने, दुनिया का विकसित राष्ट्र बने, उसमें महिलाओं का उत्थान भी अहम योगदान निभा सकता है।

महिलाओं को पुरुष के बराबर अवसर देने के उद्देश्य ही प्रधानमंत्री ने कदम उठाया है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी होगी, उनके साथ नाइंसाफी नहीं हो इसके लिए मोदी जी लगातार प्रयासरत रहे हैं। भारत की महिलाएं मोदी जी के साथ हैं। 12 वर्ष में मोदी जी ने महिलाओं का अटूट विश्वास हासिल किया है।

श्री सोनोवाल ने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां की सरकार महिला अत्याचार को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। 10000 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं घटी है। यह सरकार महिलाओं की इज्जत बचाने में नाकाम साबित हुई है। कांग्रेस के साथ जो भी दल रहती है वह महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकती है। दूसरी तरफ एनडीए की सरकार जब भी रही है तो महिलाओं के स्वाभिमान पर कभी आंच नहीं आने दिया गया है।

बिहार की पूर्व मंत्री सह बिहार से जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो दिनों का स्पेशल सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पुनः पारित कराने का प्रयास किया लेकिन आधी आबादी का झूठा नारा लगाने वाले लोगों ने इस अधिनियम को कानून बनाने के लिए वोटिंग तक नहीं किया। यह वह लोग हैं जो महिलाओं को केवल दिग्भ्रमित करना चाहते हैं और ये विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं। ये नहीं चाहते हैं कि आधी आबादी की महिला सशक्तिकरण राजनीतिक भागीदारी में बदले, यह नहीं चाहते कि महिला आगे बढ़े।

सुश्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यह क्रेडिट लेने का विषय नहीं है। यह लोकतंत्र है। केवल बीजेपी या एनडीए की महिला ही चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलेगा। विपक्ष के लोग कुतर्क देकर इन लोगों ने वोटिंग से इनकार कर दिया। सिर्फ एक बिल नहीं गिरा बल्कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के जितने भी नेता थे भारत की महिलाओं की नजरों में गिर गए हैं।

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