चेन्नई , सितंबर 10 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिल्डर और वित्तीय संस्थानों की मिलीभगत से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच नए आपराधिक मामले दर्ज किए हैं और बेंगलुरु, मुंबई व पुणे में 12 स्थानों पर छापेमारी की है।

सीबीआई की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ये नए मामले उच्चतम न्यायालय के आदेश के आधार पर विभिन्न बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इनमें से चार मामले बेंगलुरु और मुंबई में ओजोन ग्रुप तथा उससे जुड़ी संस्थाओं की परियोजनाओं से संबंधित हैं, जबकि एक मामला मैसर्स विवांसा बालसम की बेंगलुरु परियोजना से जुड़ा है। इन सभी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप हैं।

सीबीआई ने बताया कि बेंगलुरु और मुंबई के बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की कथित सांठगांठ के कारण घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई है। कई वर्षों से पीड़ित घर खरीदारों ने राहत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई की इस ताजा कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य धन की हेराफेरी, वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी से जुड़ी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करना और अहम सबूत जुटाना है।

गुरुवार को हुयी छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।

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