बिलासपुर , अक्टूबर 20 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विजयादशमी पर रावण दहन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निगम प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार शहर के नौ प्रमुख स्थलों पर दशहरा उत्सव आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग मैदानों में 40 से 71 फुट तक के रावण के पुतलों का दहन होगा।

श्रीराम परिवार की झांकियां, राम-रावण युद्ध का मंचन, शोभायात्राएं और करीब एक घंटे तक होने वाली आतिशबाजी उत्सव के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। प्रमुख आयोजनों में शाम छह बजे से रात आठ बजे के बीच रावण दहन किया जाएगा।

सरकंडा के नूतन चौक में शहर का सबसे ऊंचा 71 फुट का रावण जलाया जाएगा। रेलवे के एनईआई ग्राउंड में हिंदुस्तानी सेवा समाज 76वीं बार दशहरा उत्सव आयोजित करेगा, जबकि पुराना बस स्टैंड और नूतन चौक पर 51वें वर्ष उत्सव मनाया जाएगा। बड़े आयोजनों के लिए शहर के प्रमुख मैदानों में सोमवार को ही पुतले खड़े कर दिए गए थे। आयोजकों ने मंच, साज-सज्जा और आतिशबाजी की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।

पुलिस मैदान में नगर निगम की ओर से शाम सात बजे रावण दहन होगा। इससे पहले तिलकनगर स्थित राम मंदिर से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्रीराम परिवार की झांकी के बाद रिमोट से रावण का दहन किया जाएगा। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और करीब एक घंटे तक आतिशबाजी होगी। आयोजन में विधायक अमर अग्रवाल और महापौर पूजा विधानी सहित शहर के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

रेलवे एनईआई ग्राउंड में हिंदुस्तानी सेवा समाज 76वां दशहरा उत्सव मनाएगा। यहां 65 फुट के रावण का दहन रामलीला और राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद शाम छह बजे किया जाएगा। इसके बाद लगभग एक घंटे तक आतिशबाजी होगी। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, महापौर पूजा विधानी, मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया और शांभवी फाउंडेशन के संचालक मुकेश अग्रवाल शामिल होंगे।

पुराना बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर चौक के मैदान में दशहरा उत्सव समिति 51वें वर्ष कार्यक्रम आयोजित करेगी। यहां 65 फुट के रावण का दहन किया जाएगा। श्रीराम दरबार की झांकी, राम-रावण युद्ध का मंचन और आतिशबाजी कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण होंगे। विधायक अमर अग्रवाल और महापौर पूजा विधानी शाम 7 बजे रावण दहन करेंगे।

लालबहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में पिछले 47 वर्षों से दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। इस बार रावण के पुतले की जीवंत आंखें और हीरे के लॉकेट वाली सोने की बड़ी चेन आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शाम चार बजे भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, वानर सेना और राक्षस सेना नगर भ्रमण करते हुए मैदान पहुंचेंगे। राम दरबार की पूजा के बाद राम-रावण युद्ध का मंचन और आतिशबाजी होगी। मुख्य अतिथि विधायक अमर अग्रवाल शाम छह बजे रावण दहन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभापति विनोद सोनी और चेंबर ऑफ कॉमर्स के संभागीय अध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल करेंगे।

सरकंडा के नूतन चौक में युवा दशहरा उत्सव समिति 51वें वर्ष आयोजन करेगी। यहां 71 फुट के रावण का रिमोट से दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और महापौर पूजा विधानी अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रावण दहन रात आठ बजे होगा।

चांटीडीह मेला स्थल पर दशहरा उत्सव समिति 27वें वर्ष आयोजन करेगी। यहां 40 फुट के रावण का दहन शाम 7 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी, सभापति विनोद सोनी, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि और सर्व सोनी समाज के अध्यक्ष जवाहर सराफ अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समिति के अध्यक्ष रघुवीर मानिकपुरी और कार्यकारिणी अध्यक्ष शंभू सोनी हैं।

तिलक नगर स्थित देवकीनंदन स्कूल मैदान में तिलक नगर विजयादशमी उत्सव समिति की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां शाम 7 बजे रावण दहन होगा और करीब एक घंटे तक आतिशबाजी की जाएगी। आयोजन में डॉ. अखिलेश देवरस, आकाश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक शर्मा, दीपेंद्र सिंह ठाकुर, राजीव अग्रवाल, डॉ. राकेश साहू और आलोक सिंह ठाकुर सहित अन्य अतिथि शामिल होंगे।

साइंस कॉलेज मैदान में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू रावण दहन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे। रावण दहन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और करीब एक घंटे तक आतिशबाजी होगी। इस दौरान भगवान श्रीराम की झांकी भी निकाली जाएगी।

साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन को लेकर इस बार विवाद भी सामने आया है। नगर निगम यहां 24 लाख रुपए खर्च कर सरकारी दशहरा आयोजन करा रहा है। इसके विरोध में अरपांचल लोकमंच ने भी इसी मैदान में रावण दहन करने की घोषणा की है। मंच का आरोप है कि वर्षों से अपने खर्च पर आयोजित होने वाले उत्सव का सरकारीकरण किया जा रहा है।

अरपांचल लोकमंच के मुताबिक, समिति पिछले पांच वर्षों से बिना सरकारी सहायता और चंदा लिए विजयादशमी उत्सव आयोजित करती रही है। संगठन ने नगर निगम की ओर से आयोजन के लिए बजट निर्धारित किए जाने पर आपत्ति जताई है। साथ ही 24 लाख रुपए खर्च करने की जरूरत और राशि के उपयोग पर सवाल उठाए हैं।

मंच का कहना है कि पिछले साल समय से पहले आवेदन देने के बावजूद उसे आयोजन की अनुमति नहीं मिली थी। इसके विरोध में संगठन ने कलेक्टोरेट का घेराव किया था। विजयादशमी के दिन साइंस कॉलेज मैदान के गेट पर रावण दहन कर विरोध जताया था। इस बार भी मंच ने अपनी परंपरा जारी रखने का फैसला किया है।

अरपांचल लोकमंच के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि सालों से बिना सरकारी सहायता के उत्सव आयोजित करने वाले मंच को अनुमति देने के बजाय आयोजन का सरकारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंच अपनी परंपरा कायम रखेगा और साइंस कॉलेज मैदान में विरोध स्वरूप रावण दहन करेगा।

दशहरा पर्व को लेकर शहर के बाजारों में भी रौनक रही। गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड, शनिचरी बाजार, बृहस्पति बाजार और बुधवारी बाजार में छोटे-बड़े रावण के पुतले बिके। इनकी कीमत 200 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक रही। कारीगरों ने 15 से 25 हजार रुपए कीमत के पुतले भी ऑर्डर पर तैयार किए हैं। इनका निर्माण अलग-अलग मोहल्लों में होने वाले आयोजनों के लिए किया गया है।

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