बिलासपुर , अगस्त 01 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोल डिपो संचालकों की कथित मनमानी के विरोध में ग्रामीणों और किसानों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को लोखंडी अंडरब्रिज से जोंकी-घनापारा मार्ग पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 'कोल डिपो हटाओ, गांव बचाओ' के नारे लगाते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित 6 से 7 कोल डिपो में दिन-रात कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग का काम जारी रहता है, जिसके चलते भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार इससे गांव के लोगों और किसानों को खेतों तथा घरों तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि लोखंडी फाटक से घनापारा तक सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सड़क के दोनों ओर कोयला परिवहन करने वाले ट्रकों की कतारें लगी रहने से ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और दोपहिया वाहनों के आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। बरसात के मौसम में खेतों तक ट्रैक्टर नहीं पहुंच पाने से कृषि कार्य भी प्रभावित होने की बात कही गई।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कोयले की धूल से फसलों और स्वास्थ्य पर असर पड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उड़ती हुई कोयले की धूल खेतों तक पहुंच रही है, जिससे धान की फसल प्रभावित हो रही है। वहीं आसपास रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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