रायपुर , अक्टूबर 21 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय का पर्व है। यह पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त कर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ नगर पंचायत के रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने, बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ बनाने, राजमहल मार्ग पर पुल निर्माण, नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम तथा मां समलाई मंदिर के समीप डोम शेड निर्माण की घोषणा की।
श्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, गौरव पथ के निर्माण से नगर की सुंदरता बढ़ने के साथ आवागमन भी सुगम होगा। पुल, मुक्तिधाम और डोम शेड का निर्माण भी क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बिलाईगढ़ के राजपरिवार ने पीढ़ियों से इस गौरवशाली परंपरा को सहेजकर रखा है। आज भी क्षेत्रवासी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस उत्सव में भाग लेते हैं। उन्होंने परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए राजपरिवार, आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
श्री साय ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देती है। भगवान राम ने रावण का अंत कर धर्म की स्थापना की थी। रावण दहन की सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर के काम, क्रोध, लोभ, मद और अहंकार जैसी बुराइयों पर भी विजय प्राप्त करें। भगवान राम के आदर्श हमें मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम और छत्तीसगढ़ का गहरा आत्मीय एवं सांस्कृतिक संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान राम का ननिहाल है। वनवास के दौरान राम ने दंडकारण्य क्षेत्र में लंबा समय बिताया था। शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति और राजिम का त्रिवेणी संगम प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ में भगवान राम को भांजे के रूप में पूजने की परंपरा आज भी जीवंत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का अवसर रही। प्रदेशवासियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना शुरू की है। इसके तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शासकीय खर्च पर अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और परिवार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के अगले ही दिन मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में आवास निर्माण तेज गति से जारी है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गांव, गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर योजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल अधोसंरचना का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं का उल्लेख करते हुए साय ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध बस्तर लंबे समय तक नक्सली हिंसा के कारण विकास की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर की जनता के सहयोग से परिस्थितियों में तेजी से बदलाव आया है। आज बस्तर में भय की जगह विश्वास, हिंसा की जगह शांति और निराशा की जगह विकास की उम्मीद ने ली है। शांति और सुरक्षा के नए वातावरण में सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार के अवसर बढ़ रहे हैं।
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