नयी दिल्ली , जुलाई 18 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश की विधायिकाओं के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर आकलन करने के वास्ते 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
श्री बिरला अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक के लिए इस समिति का गठन किया है।
सूत्रों के अनुसार समिति का गठन 19 से 21 जनवरी तक उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित 86वें एआईपीओसी में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव संख्या-6 के अनुपालन में किया गया है। प्रस्तावित राष्ट्रीय विधायी सूचकांक का उद्देश्य विधायिकाओं के कामकाज के मूल्यांकन के लिए एक वस्तुनिष्ठ ढांचा तैयार करना है, जिससे जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही यह सूचकांक विधायी संस्थाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करेगा और जनता की बेहतर सेवा के लिए उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायक होगा।
समिति की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, नागालैंड विधानसभा के अध्यक्ष शेरिंगेन लोंगकुमेर, ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाधी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार तथा तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर शामिल हैं।
समिति को एक व्यापक और वस्तुनिष्ठ विधायी प्रदर्शन सूचकांक तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जो देशभर की विधायिकाओं के लिए एक मानक के रूप में कार्य करेगा। इस पहल से संस्थागत जवाबदेही मजबूत होने, विधायिकाओं में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को बढ़ावा मिलने तथा अधिक गतिशील, उत्तरदायी और प्रदर्शन आधारित विधायी संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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