नयी दिल्ली , अक्टूबर 26 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के सम्मेलन में हिस्सा लेने आये रूस, क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के संसदीय प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय वार्ता कर संसदीय सहयोग मजबूत करने, आर्थिक संबंधों को विस्तार देने और आतंकवाद सहित साझा वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम करने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।

श्री बिरला ने रूस की स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन से मुलाकात में भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी तथा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होने के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों की संसदों के बीच अंतर-संसदीय आयोग की अगली बैठक आयोजित करने पर विचार करने का सुझाव दिया और दोनों पक्षों ने संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान, युवा एवं महिला सांसदों के बीच संवाद तथा संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की।

श्री बिरला ने संसदीय कार्यवाही को विभिन्न भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाने के लिए 'संसद भाषिणी' के इस्तेमाल की जानकारी दी और कहा कि तकनीक के माध्यम से संसदीय कामकाज को अधिक सरल और जन-केंद्रित बनाया जा सकता है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का समर्थन करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार तथा भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए रूस की सराहना की। बैठक में व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, उद्योग और जन-जन के संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार हुआ।

लोकसभा अध्यक्ष ने क्यूबा की नेशनल असेंबली ऑफ पीपुल्स पावर और काउंसिल ऑफ स्टेट की उपाध्यक्ष एना मारिया मारी माचाडो से मुलाकात में संसदीय आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा स्वास्थ्य सेवा और औषधि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में ब्रिक्स की भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय संपर्क मजबूत होने से उनकी पुरानी मित्रता और एकजुटता को और बल मिलेगा।

श्री बिरला ने मिस्र के सांसद और वहां के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सामेह शौकरी के साथ बातचीत में दोनों प्राचीन सभ्यताओं के ऐतिहासिक संबंधों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2023 की मिस्र यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आई नई गति का उल्लेख किया। दोनों पक्षों ने संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने तथा औषधि, रसायन और उद्योग के क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की। श्री बिरला ने पहलगाम आतंकवादी हमले की मिस्र की ओर से की गई कड़ी निंदा की सराहना करते हुए आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ने बेलारूस की प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष वादिम इपातोव के साथ बैठक में संसदीय आदान-प्रदान, विधायी कार्यों की बेहतर प्रक्रियाओं को साझा करने और क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संपर्क मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार किया। श्री बिरला ने बहुपक्षीय मंचों, विशेषकर ब्रिक्स के माध्यम से वैश्विक दक्षिण की आवाज और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि 2027 में भारत और बेलारूस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 35 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसदीय संपर्क, आर्थिक एवं वित्तीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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