बारां , जुलाई 28 -- राजस्थान में बारां जिले के आदिवासी सहरिया बहुल शाहबाद उपखंड में संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं होने के बावजूद विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थापित हैं और सरकारी रिकॉर्ड में स्कूल नियमित रूप से संचालित दिखाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देवरी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बीलखेड़ा माल के रायपुर गांव में इस विद्यालय में पढ़ने के लिए कोई छात्र नहीं होने के कारण स्कूल परिसर अधिकांश समय सूना रहता है। आरोप है कि शिक्षक विद्यालय पहुंचकर औपचारिक उपस्थिति दर्ज करते हैं और फिर लौट जाते हैं।

ग्रामीण बताते हैं कि रायपुर गांव से वर्षों से लगातार पलायन हो रहा है। वर्तमान में गांव में केवल पांच-छह परिवार ही निवास कर रहे हैं। इनमें भी प्राथमिक स्तर की आयु के बच्चे करीब नहीं हैं। जो बच्चे हैं, वे उच्च कक्षाओं अथवा बेहतर शिक्षा की तलाश में देवरी के निजी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। यही कारण है कि इस वर्ष विद्यालय में एक भी नया नामांकन नहीं हुआ।

सूत्रों के अनुसार विद्यालय में पिछले कई वर्षों से विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही है। नामांकन कभी भी दहाई के आंकड़े को पार नहीं कर सका। सत्र 2025-26 में विद्यालय में तीन छात्र नामांकित थे, लेकिन एक छात्र पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण करके अन्य विद्यालय में चला गया, दूसरे ने स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) ले लिया और तीसरा अपने परिवार के साथ पलायन कर गया। वर्तमान सत्र में विद्यालय का नामांकन पूरी तरह शून्य हो गया।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक ब्रजमोहन ने विद्यालय की वास्तविक स्थिति से संबंधित सूचना प्राथमिक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पूर्व में ही भेज दी थी। विभागीय अधिकारियों को विद्यालय में शून्य नामांकन की जानकारी होने के बावजूद अब तक विद्यालय के पुनर्गठन, समायोजन या शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

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