सिवनी , जून 10 -- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घंसौर क्षेत्र के ग्राम बाम्हनवाड़ा में डीएपी उर्वरक के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी घंसौर को नौ जून को सूचना मिली थी कि ग्राम बाम्हनवाड़ा स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में डीएपी उर्वरक का अवैध भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान शिवकुमार मसराम के मकान में डीएपी उर्वरक की 150 बोरियां बरामद हुईं। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम बताया गया है। पूछताछ में पता चला कि मकान ग्राम कहानी निवासी अशोक कुमार गोल्हानी द्वारा किराये पर लिया गया था और वहीं उर्वरक का भंडारण किया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने अशोक कुमार गोल्हानी से उर्वरक के भंडारण और विक्रय से संबंधित दस्तावेज तथा लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

इसके बाद कृषि विभाग ने गवाहों की उपस्थिति में सभी 150 बोरियां जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रख दीं तथा मामले की रिपोर्ट घंसौर थाने को सौंपी। शिकायत के आधार पर घंसौर पुलिस ने अशोक कुमार गोल्हानी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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