अल्मोड़ा , अक्टूबर 08 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को अल्मोड़ा के बिनसर वन्यजीव अभयारण्य के नए प्रतीक चिह्न (लोगो) का अनावरण किया। इस मौके पर वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को सहेजने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभयारण्य की विशिष्ट पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से अल्मोड़ा सिविल सोयम वन प्रभाग ने 19 से 30 सितंबर 2026 तक नए प्रतीक चिह्न के डिजाइन के लिए प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसमें कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से हल्द्वानी निवासी चेतन्य पाण्डे के बनाए डिजाइन को सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
नए प्रतीक चिह्न में अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी पारिस्थितिकी, वन्यजीव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को कलात्मक रूप में समेटा गया है। अंग्रेजी के अक्षरों 'बीआईएनएसएआर' को अलग-अलग प्राकृतिक प्रतीकों के जरिए दर्शाया गया है। जिसमें बी : उगता सूर्य, पर्वत और वनाच्छादित भूमि, आई : हिमालयी शंकुधारी वृक्ष, एन : भारतीय मुन्टजैक (हिरण की एक प्रजाति), एस : प्रवाहित नदी, ए : पर्वतीय दृश्य और आर : हिमालयी मोनाल पक्षी है।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखण्डी ने बताया कि यह प्रतीक चिह्न बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की विशिष्ट प्राकृतिक पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। इसमें हिमालयी भू-दृश्य, वन्यजीव संपदा और क्षेत्र की जैव विविधता एक ही कलात्मक संरचना में दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यह चिह्न अभयारण्य की पहचान को और सशक्त बनाने के साथ वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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