लखनऊ , जुलाई 8 -- प्रचंड गर्मी और आंधी बरसात के बीच उत्तर प्रदेश में स्थानीय गड़बड़ियों के चलते बिजली की लुकाछिपी से लोगबाग त्रस्त रहे हैं लेकिन बिजली विभाग का दावा है कि बीते जून माह में विभाग के पास आने वाली शिकायतों में 98 फीसदी से अधिक का त्वरित निस्तारण किया गया।

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून माह में प्रदेशभर से बिजली संबंधी 17.47 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17.23 लाख से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया। विशेष रूप से बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान किया गया, जो उपभोक्ता सेवाओं के प्रति विभाग की सक्रियता और जवाबदेही को दर्शाता है।

अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद शिकायतों के त्वरित निस्तारण को विभाग की प्रभावी कार्यशैली का परिणाम माना जा रहा है। योगी सरकार की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के चलते प्रदेश की बिजली प्रणाली में उपभोक्ताओं का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

वितरण निगमवार आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में 3.03 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2.99 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में 6.45 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6.39 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया।

इसी प्रकार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीयूवीवीएनएल) में प्राप्त 2.83 लाख शिकायतों में से 2.77 लाख से अधिक का निस्तारण किया गया, जबकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में प्राप्त 3.94 लाख से अधिक शिकायतों में से 3.89 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। वहीं, कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) में दर्ज 1.19 लाख से अधिक शिकायतों में से 1.15 लाख से अधिक का समयबद्ध निस्तारण किया गया।

यूपीपीसीएल की टीमें प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। बिजली की मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है तथा संभावित तकनीकी खराबियों की पूर्व पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा रहा है, जिससे बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम हुई है। दिन और रात दोनों समय बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं।

प्रदेश के सभी जिलों में विभागीय अधिकारी उपकेंद्रों, ट्रांसफॉर्मरों और वितरण तंत्र का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की लगातार समीक्षा की जा रही है।

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने हेल्पलाइन नंबर 1912 को और अधिक प्रभावी एवं क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए उनका समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण किया जाए। साथ ही हेल्पलाइन सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है।

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