चंडीगढ़ , अक्टूबर 21 -- हरियाणा के ऊर्जा परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा है कि वह बिजली के निजीकरण के खिलाफ हैं। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के मामले में उनके विभाग ने हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के समक्ष मजबूती से विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि आयोग के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी और इस मुद्दे पर आखिरी स्तर तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में श्री विज ने कहा कि निजीकरण के विरोध में विभाग ने अपना पक्ष लिखित रूप में रखा था, जिसके दस्तावेज कोई भी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए कर्मचारी नेताओं को बैठक के लिए बुलाया गया है। पहले भी कर्मचारियों के साथ बातचीत की गई थी। यदि कोई बेहतर समाधान सामने आता है, तो उस पर विचार किया जाएगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान घुसपैठियों की पहचान को लेकर विपक्ष के सवाल पर श्री विज ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करना और उसमें सुधार करना चुनाव आयोग का काम है, भाजपा का नहीं। विपक्ष को इस संबंध में चुनाव आयोग से सवाल पूछने चाहिए।
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