रायपुर , जून 19 -- छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में लगातार वृद्धि के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। पार्टी जुलाई के पहले सप्ताह से राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के समर्थन में आवेदन और समर्थन पत्र भरवाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान ये आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाले फैसलों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली बिल उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। लोग बिलों में गड़बड़ी सुधारने के लिए लगातार बिजली कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीन चरणों में आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई है। पहले चरण में 17 जून को सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। दूसरे चरण में 18 जून को जिला स्तर पर प्रेसवार्ताएं आयोजित कर बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को जनता के सामने रखा गया।

पार्टी के अनुसार तीसरे चरण में जुलाई के पहले सप्ताह से कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर लोगों से समर्थन पत्र भरवाएंगे और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर जनमत तैयार करेंगे।

बैज ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए तो जनता की नाराजगी व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकती है।

कांग्रेस ने घोषणा की है कि आगामी मानसून सत्र में बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर, पेट्रोल-डीजल तथा खाद की बढ़ती कीमतों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा में सरकार से जवाब मांगेंगे।

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