महासमुंद , जून 18 -- छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।
यहां कांग्रेस भवन में गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपासरकार बनने के बाद प्रदेश में पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीए) लागू कर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाला है। इसके बावजूद बिजली दरों में लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में पांच वर्षों के दौरान बिजली दरों में मात्र दो पैसे की वृद्धि हुई थी और 400 यूनिट तक की बिजली खपत पर बिल हाफ योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत दी जाती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के अनेक उपभोक्ताओं को पिछले कुछ महीनों से सामान्य से तीन से चार गुना अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। उनके अनुसार जून माह में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ी है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके कनेक्शन का अनुबंध भार (लोड) बढ़ा रहा है। साथ ही स्मार्ट मीटरों के माध्यम से वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज होने संबंधी शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं। अधिक खपत दर्शाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड लगाए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
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