चेन्नई , जून 25 -- तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने गुरुवार को राज्य के बिजली क्षेत्र की वित्तीय और परिचालन स्थिति का विवरण देने वाला एक व्यापक श्वेत पत्र जारी किया। इसमें कर्ज का बोझ 2.47 लाख करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि इस साल बिजली की दरों में किसी भी बढ़ोतरी से इनकार किया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने श्वेत पत्र जारी करते हुए कहा कि इसमें तमिलनाडु के बिजली क्षेत्र की वित्तीय और परिचालन स्थिति के बारे में पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि एक व्यापक विश्लेषण से पता चला है कि राज्य के बिजली बोर्ड पर वर्तमान में 2.47 लाख करोड़ रुपये के भारी कर्ज का बोझ है। उन्होंने इस क्षेत्र का 25 वर्षों का विवरण प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार, 2001 और 2006 के बीच बिजली क्षेत्र में 8,355 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया था, जो 2006-2011 के दौरान तेजी से बढ़कर 35,463 करोड़ रुपये हो गया। 2011 और 2016 के बीच यह नुकसान बढ़कर 56,361 करोड़ रुपये हो गया, जिसके बाद 2016 से 2021 तक 58,534 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 2021 से 2026 की सबसे हालिया अवधि में, इस क्षेत्र को 34,447 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।
श्री निर्मल कुमार ने नए निवेश के सीमित होने के बावजूद खर्चों में भारी बढ़ोतरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी बड़े और नये बुनियादी ढांचे के निर्माण या आधुनिकीकरण पर निवेश नहीं किए जाने के बावजूद खर्चों में 51,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
श्री निर्मल कुमार ने कहा कि तमिलनाडु में 4,47,603 ट्रांसफार्मर हैं, जिनमें से 42,808 अपनी 25 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं। इनके आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता है। इससे निपटने के लिए सरकार तुरंत 231 नए सब-स्टेशन शुरू करने की योजना बना रही है। बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर भी 21,512 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाएं शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक के पांच साल के शासन के दौरान कोई नई बिजली उत्पादन परियोजना शुरू नहीं की गई थी।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन और वितरण दोनों क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शासन और पारदर्शिता पर उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि वर्तमान प्रशासन में "पार्टी फंड" जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बिजली क्षेत्र में ठेका कर्मचारियों को भुगतान न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। श्री निर्मल कुमार ने श्रमिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित