हरिद्वार , अक्टूबर 07 -- उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में बिजली के खंभों पर बेतरतीब और बिना अनुमति लगाए गए तारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार से कार्रवाई शुरू कर दी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच अभियान चलाकर अनधिकृत केबल और तार हटाने शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी ने पूर्व में केबल ऑपरेटरों एवं विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बिजली के खंभों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति लगाए गए केबल स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए संबंधित ऑपरेटरों को पर्याप्त समय भी दिया गया था। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी तार नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने अब स्वयं कार्रवाई शुरू कर दी।
अभियान के दौरान टीम विद्युत पोलों का निरीक्षण कर बिना अनुमति एवं अनियोजित तरीके से लगाए गए केबल-तारों को चिह्नित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई कर रही है। प्रशासन के अनुसार बेतरतीब केबलों से जहां शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, वहीं बिजली के खंभों पर अतिरिक्त भार और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति भी पैदा हो रही है।
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों एवं सरकारी संपत्तियों पर अनधिकृत अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। कंपनियों और सेवा प्रदाताओं को नियमानुसार अनुमति लेने के बाद ही केबल एवं तार लगाने होंगे। बिना अनुमति लगाए गए केबलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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