हनुमानगढ़ , अप्रैल 17 -- राजस्थान में जोधपुर विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति ने शुक्रवार को हनुमानगढ़ में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की और आगामी 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन एवं रैली का खाका तैयार किया गया।
सूत्रों ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा जोधपुर विद्युत वितरण निगम डिस्कॉम के जिन जिलों का निजीकरण किया जा रहा है, उनमें श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। विद्युत निगम के लिए ये दोनों जिले बहुत लाभदायक है जो मुनाफे में हैं। इसके विपरीत जोधपुर डिस्कॉम के कुछ जिले घाटे में हैं। सरकार उनका निजीकरण नहीं कर रही। प्रमुख रूप से इसी बात को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
हनुमानगढ़ में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सभागार में हुई इस बैठक में जिलेभर से काफी संख्या में कर्मचारी, अधिकारी और विभिन्न संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में निजीकरण के संभावित दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने साफ कहा कि वर्तमान में विभाग में स्टाफ की भारी कमी, संसाधनों की कमी और अन्य समस्याएं पहले से मौजूद हैं। इन समस्याओं का समाधान करने की बजाय निजीकरण की राह पर जाना न सिर्फ कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है, बल्कि उपभोक्ताओं की बिजली सेवा को भी बुरी तरह प्रभावित करेगा।
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