फगवाड़ा , जुलाई 26 -- बिजली विभाग के कर्मचारियों की जारी हड़ताल का असर अब फगवाड़ा ब्लॉक में व्यापक रूप से दिखाई देने लगा है। लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण शहर और आसपास के कई गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। बिजली संकट के चलते पेयजल और घरेलू जलापूर्ति भी ठप हो गई है, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए।

बिजली लंबे समय तक बंद रहने से अधिकांश इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। घरों में पीने और दैनिक उपयोग के लिए पानी की भारी कमी हो गई है। उमस भरे मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली संकट से नाराज धरमकोट क्षेत्र के निवासियों ने रविवार को होशियारपुर रोड स्थित बिजली सब-स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्षद वीरा राम वालजोट ने किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

पार्षद ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में पिछले दिन से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। उन्होंने कहा कि जब लोग शिकायत लेकर बिजली सब-स्टेशन पहुंचे तो उन्हें केवल यह बताया गया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं और बिजली कब तक बहाल होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि लगातार बिजली बंद रहने से घरों में लगे पानी के पंप बंद पड़े हैं और इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं, जिससे लोग बिजली और पानी दोनों से वंचित हैं।

उधर, फगवाड़ा ब्लॉक के कई गांवों के ग्रामीणों ने भी भुल्लाराई चौक पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करने की मांग की। जाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई घंटों से बिजली नहीं होने के कारण भीषण गर्मी और उमस में घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं। वहीं, लंबे समय तक बिजली गुल रहने से छोटे कारोबारियों और दुकानदारों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित