करनाल , अक्टूबर 04 -- हरियाणा विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चे ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। मोर्चे के वरिष्ठ नेता देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि 10 अगस्त को बिजली मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासनों के बावजूद हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

रविवार को करनाल में हुई मोर्चे की बैठक की अध्यक्षता हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव रविंद्र घंघास ने की। श्री हुड्डा ने बताया कि 10 अगस्त को बिजली मंत्री और निगम प्रबंधन के साथ बैठक में हरियाणा कृषि-डिस्कॉम के गठन, स्मार्ट मीटर लगाने तथा गुरुग्राम और नूंह के लिए निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया रोकने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल 10 अक्टूबर तक स्थगित कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब एचईआरसी द्वारा लाइसेंस प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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