हरारे , जुलाई 26 -- भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन ने कहा है कि नंबर तीन पर उनकी भूमिका आक्रामक सलामी जोड़ी से अलग है और वह इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं करते कि बाहर के लोग उनके बल्लेबाजी करने के तरीके के बारे में क्या सोचते हैं।

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी-20 में मिली 90 रनों की बड़ी जीत के बाद इशान किशन ने कहा, "मैं बाहर की बातों पर अधिक ध्यान नहीं देता। मुझे पता है कि मुझे किस तरह बल्लेबाजी करनी है। सबसे जरूरी है कि आप मौजूदा पल में रहें। यह मत सोचिए कि बाहर क्या हो रहा है, कौन कितना तेज़ रन बना रहा है या कौन ज्यादा बड़े शॉट खेल रहा है। हर खिलाड़ी की टीम में अपनी अलग भूमिका होती है। लेकिन अगर नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए टीम के दो विकेट जल्दी गिर जाएं, तो आपको यह समझना होगा कि उस समय टीम के लिए क्या ज्यादा जरूरी है। क्या लगातार जोखिम लेना सही रहेगा या पहले साझेदारी बनाना जरूरी है। क्या इस विकेट पर बड़े शॉट खेलना आसान है। आपको हालात और विकेट को समझकर उसी हिसाब से बल्लेबाजी करनी होती है।"इशान किशन ने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरुआती दो विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद 250 रन बनाने के लालच से स्वयं को दूर रखा। बल्लेबाजो का पूरा ध्यान पहले पिच को समझने और फिर एक मजबूत साझेदारी बनाने पर था। पारी के पहले तीन ओवरों में ही भारत का स्कोर 29 रन पर दो विकेट हो गया था। इसके बाद नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए किशन ने 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ 66 रन की साझेदारी की, जबकि अंत में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाकर भारत को 5 विकेट पर 219 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में ज़िम्बाब्वे की पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई और भारत ने तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

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