नयी दिल्ली , मई 22 -- रेटिंग फर्म क्रसिल रेटिंग्स का अनुमान है कि वाह्य क्षेत्र की चुनौतियों के बाद भी सरकारी पूंजीगत व्यय, बिजली, खनन, तेल और गैस, धातु और वाहन क्षेत्र में क्षमता का लगातार विस्तार से देश में पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों के कारोबार में चालू वित्त वर्ष के दौरान 12-14 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी।

क्रिसिल रेटिंग्स के शुक्रवार को जारी एक परचे में कहा गया है कि देश में डेटा सेंटरों के निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तर जैसे उभरते क्षेत्रों से पूंजीगत सामान का कारोबार बढ़ेगा, इस परचे में कहा गया है, 'पिछले वित्त वर्ष की तरह इस वित्त वर्ष में भी पूंजीगत सामान उद्योग के लिए 12-14 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि पक्का लगती है।'रेटिंग एजेंसी ने कहा कि देश में पूंजीगत सामान उद्योग के कारोबार पर पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों से ग्रोथ पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि अलग-अलग तरह के ऑर्डर बुक और पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी सीमित है, जिससे बचाव हुआ है और ज़्यादातर कमाई घरेलू बाज़ार से ही आती है।

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