मुंबई , मई 07 -- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाक़ात की जिससे राज्य में राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

हालाँकि श्री बावनकुले ने मुलाक़ात के बाद स्पष्ट किया कि यह केवल एक शिष्टाचार भेंट थी और इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।

भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री बावनकुले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने मंत्री पद का कार्यभार संभाला था और पहले राज ठाकरे से वादा किया था कि वे उनसे चाय पर मिलने आएँगे। उन्होंने आगे कहा कि आख़िरकार आज उन्हें यह मौक़ा मिल ही गया और दोनों नेताओं के बीच चाय पर अनौपचारिक बातचीत हुई।

इस मुलाक़ात ने इसलिए सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राज ठाकरे की मनसे और उद्धव ठाकरे के गुट ने राजनीतिक रूप से हाथ मिला लिया था। ठाकरे चचेरे भाइयों ने लगभग दो दशकों के बाद, कथित तौर पर हिंदी थोपे जाने का विरोध और मराठी भाषा के समर्थन जैसे मुद्दों पर एक बार फिर एकजुटता दिखाई थी।

श्री राज ठाकरे ने नगरपालिका चुनावों से पहले महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन की भी आलोचना की थी। इस राजनीतिक पुनर्गठन के बावजूद ठाकरे गुट चुनावों में कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाल सका।

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