पटना , जनवरी 12 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि बाल हृदय योजना के तहत अब तक 2665 गरीब बच्चों का सफल सर्जरी एवं उपचार किया जा चुका है। श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि स्वास्थ्य विभाग राज्य में बच्चों के गंभीर एवं जन्मजात रोगों के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसके लिए राज्य में मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान एवं उन्हें निःशुल्क समुचित उपचार प्रदान करना है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को गंभीर आर्थिक बोझ से राहत मिल सके। बाल हृदय योजना के माध्यम से अब तक राज्य के 2665 हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का सफलतापूर्वक सर्जरी एवं उपचार कराया जा चुका है।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य शिविरों एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान की जाती है। चयनित बच्चों को विस्तृत चिकित्सीय जांच के बाद आवश्यकता अनुसार आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, जयप्रभा मेदांता अस्पताल (पटना) एवं श्री सत्यसाई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद भेजा जाता है। जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार किया जाता है। बाल हृदय योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-2022 में कुल 338 सफल सर्जरी की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-2023 में सर्जरी की कुल संख्या बढ़कर 410 हो गई। वित्तीय वर्ष 2023-2024 के दौरान कुल 556 सफल ऑपरेशन एवं उपचार हुए। योजना में सबसे बड़ी वृद्धि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में देखी गई जब कुल 764 सफल सर्जरी की गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 09 जनवरी 2026 तक कुल 597 सफल सर्जरी एवं उपचार हुए।

श्री पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के 94वें बैच को निःशुल्क इलाज के लिये श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद रवाना कर दिया गया है। इस बैच में अररिया, बक्सर, पूर्वी चम्पारण, गया, मधुबनी, नालंदा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर एवं वैशाली जिलों के 20 बच्चे शामिल हैं, जो हृदय में छेद की समस्या से पीड़ित हैं। इन सभी बच्चों का निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार किया जाएगा। इनके अहमदाबाद जाने और आने का व्यय भी स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार की तरफ से किया जाता है। वहीं बाल हृदय योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तत्वावधान में 08 एवं 09 जनवरी 2026 को कुल 14 बच्चों का निःशुल्क डिवाइस क्लोजर (बिना चीर-फाड़ के) विधि से सफलतापूर्वक ऑपरेशन, इन्दिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान, पटना में सम्पन्न हुआ।

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