पौड़ी , जुलाई 22 -- उत्तराखंड में पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत जिला टास्क फोर्स समिति ने बुधवार को कोटद्वार नगर क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक मिठाई की दुकान से 14 वर्ष से कम आयु के एक बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। नाबालिग से कार्य कराने पर प्रतिष्ठान संचालक का चालान करते हुए भविष्य में बाल श्रम न कराने की कड़ी चेतावनी दी गई।

संयुक्त टीम ने बद्रीनाथ मार्ग, झंडा चौक, बस स्टेशन और तीलू रौतेली चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक दुकान में 14 वर्ष से कम आयु का बालक कार्य करता मिला, जिसे तत्काल रेस्क्यू कर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियम, 2017 के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई।

इसके बाद बालक को उसके मामा की सुपुर्दगी में सौंपते हुए परिजनों को निर्देश दिए गए कि उसका शीघ्र किसी विद्यालय में प्रवेश कराकर शिक्षा निरंतर जारी रखी जाए, ताकि उसके पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।

अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान में लगभग 17 वर्षीय किशोर भी कार्य करता मिला। उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

जिला टास्क फोर्स समिति ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी किसी नाबालिग बच्चे से मजदूरी या श्रम कराया जाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित