दरभंगा, फरवरी 17 -- बिहार राज बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने मंगलवार को बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए लगातार धावा दल चलाने एवं दोषी नियोजकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने आज यहां कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं तथा उनका स्थान स्कूल में है, खेल के मैदान में है, न की होटल, गैराज एवं फैक्ट्री में है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह सामूहिक दायित्व है कि हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान किया जाए तथा उनका बचपन उन्हें जीने दिया जाए।उन्होने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलग-अलग प्रतिष्ठानों से अब तक कुल 31 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया है एवं सभी दोषी नियोजकों के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही उन सभी नियोजकों से 20 हजार रूपये की राशि अलग से वसूल कर जिला बाल श्रम पुनर्वास कल्याण कोष में जमा कराया गया है और यह राशि जमा नहीं करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नीलामपत्रवाद की अलग से कार्रवाई की गई है।
श्री सिंह ने बताया कि सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को उनके आवास के नजदीकी विद्यालय में नामांकन कर उनके शैक्षणिक पुनर्वास किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे पुनः बाल श्रम की ओर नहीं लौटे इसके लिए उनके परिवार को सरकार की अन्य योजनाओं से भी आच्छादित करने का प्रयास किया जा रहा है।ऐसे सभी परिवारों को राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड तथा लेबर कार्ड आदि से आच्छादित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के द्वारा 3000 रूपये की तत्काल सहायता राशि दी गई है तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त 25000 रूपये की राशि का सावधि जमा कराया गया है जो उन्हें उनके 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्राप्त होगी।
श्री सिंह ने श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, पुलिस विभाग एवं युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक में सभी पदाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह सभी प्रखंडों में रोस्टर के आधार पर कम से कम दो दिन धावादल निश्चित रूप से चलाएं तथा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की ओर प्रयास करें।
उपाध्यक्ष ने श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सभी पदाधिकारी को निर्देशित किया की दरभंगा जिले के सभी ईंट भट्ठों का सतत रूप से निरीक्षण करें तथा यदि वहां बाल श्रमिक पाए जाते हैं तो उन्हें विमुक्त कराकर उनके नियोजकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करें।
आज की बैठक में दरभंगा प्रमंडल के उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन तथा सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कौशल प्रबंधक के साथ ही बाल श्रम के क्षेत्र में कार्य करने वाले विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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