भोपाल , अप्रैल 6 -- मध्यप्रदेश सरकार ने अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते गठित करने तथा व्यापक अभियान चलाने को कहा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को है, जिस दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह आयोजित होते हैं। ऐसे आयोजनों में बाल विवाह की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशानुसार, स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों द्वारा बाल विवाह न होने देने की शपथ ली जाएगी तथा पंचायत और वार्ड स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार कर संबंधित परिवारों को समझाइश दी जाएगी और उन पर निगरानी रखी जाएगी।

बाल विवाह की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम और वार्ड स्तर पर सूचना दल गठित किए जाएंगे, जो संदिग्ध मामलों पर नजर रखेंगे और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

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