जालौन , सितंबर 10 -- उत्तर प्रदेश में जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेन्स विभाग की समीक्षा बैठक में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप पोषण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय पोषण माह-2026, सम्भव अभियान-6.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण ट्रैकर फीडिंग, एनआरसी में बच्चों के संदर्भन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण और सामुदायिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियां निर्धारित कैलेंडर के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र, विकासखंड और जनपद स्तर पर प्रभावी ढंग से आयोजित हों तथा उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
सम्भव अभियान के तहत ई-कवच पोर्टल पर सैम बच्चों की स्क्रीनिंग और दवा वितरण की खराब प्रगति पर कोंच, कुठौंद, डकोर, माधौगढ़ और कदौरा परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को 15 दिन में अपेक्षित सुधार के निर्देश दिए गए।
कुठौंद, महेवा, रामपुरा और कदौरा में सामुदायिक गतिविधियों एवं पोषण ट्रैकर फीडिंग की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सबसे खराब प्रदर्शन वाले तीन प्रभारी सीडीपीओ के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि तथा अन्य सीडीपीओ को चेतावनी देने के निर्देश दिए।
डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों की कम से कम 85 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने और सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं को प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित