जयपुर , अप्रैल 25 -- राजस्थान उच्च न्यायालय के वकीलों के न्यायिक कार्य बहिष्कार पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि बार संघ को इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा अदालत को कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है।

मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के अनुसार आज न तो महाधिवक्ता, न वरिष्ठ अधिवक्ता और न ही बार के पदाधिकारी उपस्थित हो रहे हैं, यह स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक मानी गयी है।

न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि बार पदाधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं पर अनुपस्थित रहने का दबाव बनाया गया, जो न्यायिक कार्य में बाधा उत्पन्न करता है। उच्च न्यायालय ने राज्य के तीनों बार संघों को इस मामले में उचित और संतुलित निर्णय लेने की सलाह दी है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार न्याय व्यवस्था को प्रभावित करता है, इसलिए बार को जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेना चाहिए।

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