कोलकाता , सितंबर 15 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बारूईपुर मुठभेड़ मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं और अधिकारियों से जांच जल्द से जल्द पूरी करने को कहा है।
न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति ऋतु ब्रत कुमार मित्रा की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि इस घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाना चाहिए और जांच एजेंसी तीन सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई से पहले जांच पूरी करने का प्रयास करे।
उल्लेखनीय है कि इस मुठभेड़ मामले की छानबीन राज्य आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) कर रही है। राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज को पहले ही सुरक्षित किया जा चुका है।
यह पूरा मामला बीते जुलाई महीने में बारूईपुर के सूर्यापुर इलाके में एक नाबालिग लड़की की मौत से जुड़ा हुआ है। लड़की रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जिसके बाद उसका शव इलाके के ही एक तालाब से बोरे में बंद मिला था। दुष्कर्म और हत्या के आरोपों के बाद बारूईपुर इलाके में भारी तनाव फैल गया था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने प्रभास मंडल, दिवाकर सरदार, आनंद सरदार और कबीर मोल्ला को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी प्रभास को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था और उसी की निशानदेही पर पुलिस लड़की का शव बरामद कर सकी थी। 7 जुलाई की रात पुलिस अपराध प्रभास को घटनास्थल पर ले गई थी। पुलिस का दावा है कि उस दौरान प्रभास ने पुलिस की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने और पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की थी।
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