भोपाल , सितंबर 20 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश से किसानों की खड़ी फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की खड़ी फसलें 90 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई हैं, लेकिन सरकार किसानों की चिंता करने, सर्वे कराने और मुआवजा देने की घोषणा करने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त है।

श्री सिंह ने कहा कि बारिश से सोयाबीन, बाजरा, तिल्ली, उड़द, मूंग, अरहर और मूंगफली जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादक किसान भी संकट में हैं। बारिश से टमाटर, लौकी, तुरई, करेला और बरबटी सहित अन्य सब्जियों को भी 90 प्रतिशत तक नुकसान होने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादक किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने की सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है।

माकपा नेता ने कहा कि इस बार किसान मौसम की बेरुखी से दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में देरी से और कम बारिश होने के कारण सूखे जैसे हालात बने थे, जिससे किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई थी। बाद में किसानों ने वैकल्पिक फसलें बोईं, लेकिन अब बेमौसम बारिश से इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

श्री सिंह ने आरोप लगाया कि मौसम की मार के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों से किसानों की परेशानी और बढ़ी है। माकपा ने राज्य सरकार से तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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